मानसरोवर साहित्य अकादमी ने श्रीमती एवं श्रीमान इकबाल सिंह जी को 'आदर्श जीवन साथी रत्न' से किया सम्मानित
श्रीगंगानगर (राजस्थान):
साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था 'मानसरोवर साहित्य अकादमी' द्वारा एक गरिमामयी आयोजन के दौरान वरिष्ठ साहित्यकार एवं अकादमी के महासचिव श्रीमान इकबाल सिंह जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती इकबाल सिंह जी को उनके वैवाहिक जीवन की वर्षगांठ के शुभ अवसर पर सम्मानित किया गया।
संस्था द्वारा उन्हें 'मानसरोवर आदर्श जीवन साथी रत्न सम्मान' से नवाजा गया। इस अवसर पर अकादमी के संस्थापक मान सिंह सुथार एवं चेयरपर्सन सिया भारती ने संयुक्त रूप से बधाई संदेश प्रेषित करते हुए उनके सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
साहित्यिक योगदान की सराहना:
अकादमी के पदाधिकारियों ने बताया कि श्री इकबाल सिंह जी न केवल एक वरिष्ठ साहित्यकार हैं, बल्कि वे समाज को अपनी रचनाओं और सेवा के माध्यम से नई दिशा दे रहे हैं। उनके आदर्श दांपत्य जीवन को समाज के लिए एक प्रेरणा बताते हुए उन्हें यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया है।
शुभकामनाओं का तांता:
इस अवसर पर मानसरोवर वेलफेयर फाउंडेशन और मानसरोवर परिवार के तमाम सदस्यों ने हर्ष व्यक्त किया। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से साहित्यिक जगत की विभिन्न हस्तियों ने उन्हें इस दोहरी उपलब्धि (विवाह वर्षगांठ और सम्मान) पर ढेरों शुभकामनाएं दीं।
संस्था ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनका वैवाहिक जीवन सदा ही प्रेम, सामंजस्य और खुशियों से परिपूर्ण बना रहे।
भवदीय,
मीडिया प्रभारी,
मानसरोवर साहित्य अकादमी,
श्रीगंगानगर, राजस्थान
*वर्षगांठ की मंगलकामनाएं*
साहित्य की बगिया में, एक प्यारा सा फूल खिला है,
इकबाल सिंह जी और उनकी जीवन संगिनी का, अटूट मेल मिला है।
मानसरोवर के आँगन से, उठी है प्यार की यह गूँज,
खुशियों के दीप जलें सदा, जीवन रहे खुशियों का पुंज।
साहित्यिक साधना और सेवा का, अद्भुत है यह संगम,
सदा सुखद बना रहे, आपके वैवाहिक जीवन का सरगम।
'आदर्श जीवन साथी रत्न' से, सुशोभित है आपकी जोड़ी,
ईश्वर करे कभी कम न हो, खुशियों की यह प्रेम-डोरी।
अकादमी की ओर से, हम सब देते हैं यह दुआ निराली,
सुख-समृद्धि से भरी रहे, आपके जीवन की हर एक डाली।
सालगिरह की इस शुभ घड़ी पर, पावन यह सम्मान मिले,
फूलों जैसी महक रहे ज़िंदगी, हर पल मुस्कान खिले।
