मानसरोवर साहित्य मंच

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साहित्य संगम - कला, शब्द और संस्कृति

बाल कविताएं

 1. सूरज की किरण


सूरज की किरण आई,  

संग में उजियारा लाई।  

बच्चों ने ताली बजाई,  

खुशियों की टोली आई।


2. नन्हा तारा


आसमान में तारा चमका,  

नन्हा सा वो प्यारा चमका।  

रात के अंधियारे में,  

जैसे कोई चिराग दमका।


3. बगिया में फूल


बगिया में खिले हैं फूल,  

रंग-बिरंगे हैं सब फूल।  

तितली आई मंडराई,  

खुशबू से सब महकाई।


4. चिड़िया रानी


चिड़िया रानी, चहक रही,  

आसमान में उड़ान भरी।  

पेड़ की डाल पे बैठी,  

चहक-चहक कर बात कही।


5. मेरे प्यारे दोस्त


दोस्त मेरे प्यारे-प्यारे,  

हम खेलें दिन भर सारे।  

मिल-जुलकर सब साथ रहें,  

खुशियों के हों ढेर नज़ारे।


6. छोटू का सपना


छोटू को सपना आया,  

उसने बादल का घोड़ा पाया।  

उड़ते-उड़ते दूर गया,  

तारों से मिलने वो गया।




 7. पानी की बूँद


पानी की एक छोटी बूँद,  

धरती पर आई धूमधाम।  

फूल-पत्तों ने उसे अपनाया,  

खुश होकर फिर गीत सुनाया।




 8. गुब्बारे की सैर


लाल, पीले, नीले गुब्बारे,  

आसमान में लगे हैं प्यारे।  

हवा में उड़ते जाते हैं,  

बच्चों को ये भाते हैं।




 9. झूला झूलूँ


झूला झूलूँ, ऊँचाइयों तक,  

नीचे ज़मीन और मैं ऊपर।  

पंछी जैसे मैं उड़ता हूँ,  

आसमान में मज़े करता हूँ।




 10. हवा मस्तानी


हवा मस्तानी आई रे,  

संग में ठंडी-ठंडी बयार।  

पत्ते झूमें, फूल खिलें,  

सब में भरे नई ताज़गी बार-बार।




दिनेश कुमार कीर

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