लोकेश कुमार मीणा "आजाद": एक साहित्यिक व्यक्तित्व
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| लोकेश कुमार मीणा 'आजाद' |
लोकेश कुमार मीणा "आजाद" एक प्रतिभाशाली साहित्यकार, कवि, और शिक्षक हैं। इनकी उम्र 38 वर्ष है व इनका जन्म अरड़ाना, पोस्ट चरड़ाना, रेलवे स्टेशन कापरेन के पास हुआ था। उन्होंने एमए, बीएड, और यूजीसी नेट हिंदी विषय में शिक्षा प्राप्त की है।
साहित्यिक योगदान
आजाद जी ने बचपन से ही सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि दिखाई। उन्होंने लगभग 1000 कविताएं, कई कहानियां, और निबंध लिखे हैं। उनके साहित्यिक योगदान में "आजाद वतन कर जाएंगे" स्वरचित काव्य संग्रह, "मेरी माँ" साझा काव्य संकलन, और "कद्र इंसानियत की" कहानी संकलन शामिल हैं।
पुरस्कार और सम्मान
आजाद जी को उनके साहित्यिक योगदान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं, जिनमें "भारत माता अभिनंदन सम्मान 2022", "राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान 2022", "राष्ट्रीय कवि सम्मान 2024", और "भारतेन्दु हरिश्चंद्र सम्मान" शामिल हैं।
सामाजिक कार्य
आजाद जी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वे मानसरोवर साहित्य अकादमी, राजस्थान में संगठन नियंत्रक के पद पर कार्यरत हैं और कई साहित्यिक मंचों के साथ जुड़े हुए हैं।
विशेष
आजाद जी की कहानी "आधी रोटी" ने अखिल भारतीय साहित्य अकादमी चितोड़ प्रांत एवं कोटा द्वारा आयोजित कहानी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी कविताएं और कहानियां कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं।



