डॉ. वंदना ठाकुर : एक साहित्यिक व्यक्तित्व
![]() |
| डॉ. वंदना ठाकुर |
डॉ. वंदना ठाकुर एक प्रतिभाशाली शिक्षिका, कवयित्री, साहित्यकारा, लेखिका और मंच संचालिका हैं। उनका जन्म 10 फरवरी को तलवाड़ा, जिला होशियारपुर, पंजाब में हुआ था। उन्होंने हिंदी, पंजाबी और इतिहास में एम.ए. तथा बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है।
साहित्यिक योगदान
डॉ. वंदना ठाकुर ने कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें "अधूरे अल्फ़ाज़", "अधूरी ख़्वाहिशें", "हमारे राम", "हम हिंदी और हमारा हिंदी साहित्य" और "रिश्तों की डोर" शामिल हैं। उनकी एक नई पुस्तक "रिश्ते" शीघ्र ही प्रकाशित होने वाली है।
पुरस्कार और सम्मान
डॉ. वंदना ठाकुर को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें टॉप 100 टीचर्स अवॉर्ड (2023), नेशनल प्राइड अवॉर्ड 2023, भारत गौरव सम्मान 2023, बेस्ट राइटर एंड एंकर इन पंजाब 2023, गुरु द्रोणाचार्य अवॉर्ड, सावित्रीबाई फुले अवॉर्ड, श्री राम गौरव सम्मान, साहित्य रत्न सम्मान, राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा सम्मान शामिल हैं।
विशेष उपलब्धियाँ
डॉ. वंदना ठाकुर को 5 दिसंबर 2023 को दिल्ली में नेशनल आइकन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 26 फरवरी 2024 को नेपाल के लुंबिनी में उन्हें अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया था। उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी सहभागिता की है, जिनमें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।
संदेश
डॉ. वंदना ठाकुर का कहना है कि सफलता असफलताओं के बाद ही मिलती है और हमें अपनी भाषा का सम्मान करना चाहिए। उनका सपना है कि वे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलें और अपने पिता का सपना पूरा करें।


