मानसरोवर साहित्य मंच

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साहित्य संगम - कला, शब्द और संस्कृति

बाल चित्रकथाएं

 


*चित्रकथा 1: मेहनत का फल*


एक छोटा सा बच्चा था जो हमेशा खेलता रहता था। एक दिन उसने अपने पिता को खेत में काम करते देखा। उसने पूछा, "पिताजी, आप इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं?" पिता ने कहा, "मैं फसल उगाने के लिए मेहनत कर रहा हूँ।" बच्चे ने भी मेहनत की और फसल उगाई। जब फसल तैयार हुई, तो उसने बहुत सारे फल पाए।


[चित्र: एक बच्चा खेत में काम करता हुआ, और फिर फल खाता हुआ]


*चित्रकथा 2: दोस्ती का महत्व*


एक छोटा सा बच्चा था जिसका एक दोस्त था। एक दिन, उसके दोस्त को स्कूल जाने में देर हो गई। बच्चे ने उसका इंटजार किया और फिर दोनों साथ में स्कूल गए। शिक्षक ने कहा, "दोस्ती का महत्व होता है, तुम दोनों ने एक दूसरे का साथ दिया।"


[चित्र: दो बच्चे साथ में स्कूल जाते हुए]


*चित्रकथा 3: सच्चाई का महत्व*


एक छोटा सा बच्चा था जो हमेशा सच्चाई बोलता था। एक दिन, उसने एक दुकानदार को गलत पैसे वापस करते देखा। उसने दुकानदार को बताया और पैसे वापस ले लिए। दुकानदार ने कहा, "तुमने सच्चाई दिखाई, तुम एक अच्छे बच्चे हो।"


[चित्र: एक बच्चा दुकानदार को सच्चाई बताता हुआ]



*चित्रकथा 4: साहस की जीत*


एक छोटा सा बच्चा था जो बहुत डरपोक था। एक दिन, उसके गाँव में एक बाघ आया। बच्चे ने साहस किया और बाघ का सामना किया। बाघ ने कहा, "तुम साहसी हो, मैं तुम्हे नहीं खाऊंगा।"


[चित्र: एक बच्चा बाघ का सामना करता हुआ]


*चित्रकथा 5: एकता की शक्ति*


एक गाँव में कई बच्चे थे जो हमेशा लड़ते रहते थे। एक दिन, एक आदमी ने उन्हें एक साथ लाकर एक बंडल लाने को कहा। बच्चों ने एक साथ मिलकर बंडल उठाया और कहा, "एकता में शक्ति है।"


[चित्र: कई बच्चे एक साथ मिलकर बंडल उठाते हुए]


*चित्रकथा 6: पेड़ की सेवा*


एक छोटा सा बच्चा था जो पेड़ को बहुत प्यार करता था। उसने पेड़ को पानी दिया और उसकी देखभाल की। पेड़ ने कहा, "तुमने मेरी सेवा की, मैं तुम्हे फल दूंगा।"


[चित्र: एक बच्चा पेड़ को पानी देता हुआ और फल खाता हुआ]



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