मानसिंह सुथार: एक साहित्यिक व्यक्तित्व - साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक अद्वितीय योगदान
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| मानसिंह सुथार |
मानसिंह सुथार एक प्रसिद्ध साहित्यिक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपनी कविता, आलेख, और स्तंभ लेखन के माध्यम से साहित्य जगत में अपनी पहचान बनाई है। उनकी रचनाएं समाज के विभिन्न पहलुओं को उठाती हैं और लोगों को जागरूक करने का काम करती हैं।
मानसिंह सुथार की साहित्यिक यात्रा में कई महत्वपूर्ण पड़ाव हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
- मानसरोवर साहित्य अकादमी, राजस्थान के संस्थापक होना
- मानसरोवर पंजाब ईकाई के संस्थापक होना
- मानसरोवर वेल्फेयर फाउंडेशन (एनजीओ) के संस्थापक होना
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान (इंडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन आईजा) होना
- प्रेजिडेंट (सूरतगढ़), इंडियन ह्यूमन राइट्स ओर्गेनाईजेशन होना
- District President, (Sri Ganganagar), All India Media Association (AIMA) होना
मानसिंह सुथार को उनके साहित्यिक योगदान के लिए कई सम्मान मिले हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
- भारत-रत्न अटल सम्मान 2023
- नेशनल आइकन अवार्ड 2023
- ज्ञान ज्योति सम्मान, ज्ञानोत्कर्ष अकादमी भारत
- डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम अवार्ड, सहारा चेरिटेबल ट्रस्ट 2023
- राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार, वर्थी वेलनेस फाउंडेशन 2023
मानसिंह सुथार की साहित्यिक रचनाएं कई सांझा संकलनों में प्रकाशित हुई हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
- कलम बेजुबान
- अभिव्यक्ति अंतर्मन की
- जीवन के नवरंग
- खनकते सिक्के
- पिता का प्यार
- कलम के बोल
- शब्दांजलि
- रोटी की कीमत
- हमारे राम
- मेरे हमसफर
